Delhi Excise Policy Manish Sisodia: दिल्ली शराब घोटाला मामले में तिहाड़ में बंद आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। 17 महीनें से सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद थे। कथित शराब घोटाले में ट्रायल शुरू होने में हुई देरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी दोनों मामलों में जमानत दे दी है। तिहाड़ जेल में सिसोदिया का रिलीज ऑर्डर पहुंचने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया।
तिहाड़ से बाहर आने के बाद मनीष सिसोदिया (Delhi Excise Policy Manish Sisodia) ने कहा, “तानाशाही से जेल में डाला था, लेकिन संविधान ने बचाया है। जब से यह आदेश आया है, कि मुझे जेल से रिहा किया जाएगा। तब से मेरा रोम-रोम बाबासाहेब का ऋणी महसूस कर रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि बाबासाहेब का ये ऋण कैसे चुकाऊंगा।”
#WATCH | Former Delhi Deputy CM and AAP leader Manish Sisodia says, "Ever since this order came in the morning, every inch of my skin has been feeling indebted to Babasaheb. I don't understand how will pay off this debt to Babasaheb…" pic.twitter.com/h1gTomCm5r
— ANI (@ANI) August 9, 2024
मनीष सिसोदिया ने कहा, “मैं आपके प्यार, ईश्वर के आशीर्वाद और सत्य की शक्ति के कारण जेल से बाहर आया हूं और सबसे बड़ी बात, बाबासाहेब का सपना है कि अगर कोई तानाशाह सरकार सत्ता में आती है और तानाशाही कानून बनाकर विपक्षी नेताओं को सलाखों के पीछे डालती है, तो इस देश का संविधान उनकी रक्षा करेगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि संविधान की इसी ताकत से अरविंद केजरीवाल भी जेल से बाहर आएंगे।”
#WATCH | AAP leader Manish Sisodia says, "I have come out of jail due to your love, God's blessings & power of truth, and biggest of all, the dream of Babasaheb that if any dictatorial government comes to power and puts Opposition leaders behind bars by forming dictatorial laws,… pic.twitter.com/DCHDuVYGyE
— ANI (@ANI) August 9, 2024
अब आप नेता सिसोदिय़ा जेल से सीधा सीएम अरविंद केजरीवाल के घर जाएंगे और उनके परिवार से मिलेंगे। मनीष सिसोदिया के वकील ने दिल्ली की अदालत में जमानती बॉण्ड भरा और फिर रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि सिसोदिया 17 महीने से हिरासत में हैं और अभी तक मामले की सुनवाई शुरू नहीं हुई है। जिससे वह जल्द सुनवाई के अधिकार से वंचित हुए हैं। बेंच ने ये भी कहा कि इन मामलों में मनीष सिसोदिया को जमानत के लिए निचली अदालत भेजना ठीक नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वक्त आ गया है कि निचली अदालतें और हाईकोर्ट इस बात को समझें कि जमानत नियम है और जेल अपवाद। बेंच ने सिसोदिया को 10 लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा किए जाने का निर्देश दिया।
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बता दें कि, दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। उन पर दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। बाद में ये पॉलिसी रद्द कर दी गई थी। वहीं, ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 9 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया था।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़ा था। मनीष सिसोदिया ने 28 फरवरी 2023 को दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उनके पास शिक्षा मंत्रालय का भी प्रभार था। सिसोदिया ने जमानत दिए जाने का आग्रह करते हुए कहा था कि वह 17 महीने से हिरासत में हैं और उनके खिलाफ मुकदमा अभी तक शुरू नहीं हुआ है। वहीं ED और CBI ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था।